- आपदा जागरूकता महोत्सव: ड्रोन, एआर-वीआर और नाटकों के जरिए बचाव का संदेश
- बाढ़ से बचाव से लेकर भूकंप सुरक्षा तक – बिहार में आपदा प्रबंधन का अनूठा प्रयास
पटना: बिहार दिवस 2025 के शुभ अवसर पर बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आपदा प्रबंधन जागरूकता और साहसिक योगदान देने वाले सुरक्षित तैराकी मास्टर ट्रेनर्स के सम्मान हेतु एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर सुपौल जिले के चयनित सुरक्षित तैराकी मास्टर ट्रेनर्स को बाढ़ 2024 के दौरान उनके अद्वितीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र एवं 5000-5000 रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।
बाढ़ 2024 में निभाई अहम भूमिका
वर्ष 2024 में नेपाल में अत्यधिक वर्षा के कारण कोशी क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के दौरान सुरक्षित तैराकी मास्टर ट्रेनर्स ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ये मास्टर ट्रेनर्स प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी कार्यक्रम सुरक्षित तैराकी के तहत प्रशिक्षित हैं और बाढ़ जैसी आपदाओं से बचाव एवं राहत कार्यों में दक्षता प्राप्त कर चुके हैं।
गांधी मैदान स्थित बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पवेलियन में आयोजित इस सम्मान समारोह में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदयकान्त एवं माननीय सदस्य श्री कौशल किशोर मिश्र, श्री नरेंद्र कुमार सिंह, श्री प्रकाश कुमार ने मास्टर ट्रेनर्स को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर माननीय सदस्य श्री नरेंद्र कुमार सिंह ने सभी सम्मानित प्रशिक्षकों से इसी तरह राज्य की सेवा में समर्पित रहने की अपील की। उन्होंने सभी से पूरे मनोयोग से राज्य में आपदा प्रबंधन प्रयासों को और भी प्रभावी बनाने का आह्वान किया।
आपदा प्रबंधन के प्रति जनजागरूकता अभियान
बिहार दिवस 2025 के अवसर पर आपदा प्रबंधन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने हेतु प्राधिकरण द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। प्राधिकरण के पवेलियन में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), टाटा सामाजिक विज्ञान संस्थान (टीआईएसएस), संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी), टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी), एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ सहित विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों द्वारा बिहार में आपदा प्रबंधन से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है।
• ड्रोन तकनीक के माध्यम से आपदाओं से बचाव के तरीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया जा रहा है। ड्रोन के माध्यम से आग पर कैसे काबू पाया जा सकता है, बाढ़ के समय कैसे राहत सामग्री पहुंचाई जाती है, इन सभी की जानकारी दी जा रही है।
• मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के तहत स्कूली छात्र-छात्राओं को कठपुतली शो, नुक्कड़ नाटक, अंताक्षरी प्रतियोगिता एवं चित्रकला के माध्यम से आपदा प्रबंधन की जानकारी दी जा रही है।
• एआर-वीआर तकनीक के माध्यम से लू, आग, भूकंप जैसी आपदाओं से बचाव की जानकारी वर्चुअल वातावरण में प्रदर्शित की जा रही है।
• दिव्यांगजन आपदा सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत दिव्यांग बच्चों द्वारा भूकंप, बाढ़, आग, सड़क सुरक्षा एवं वज्रपात से बचाव पर आधारित नाटकों का मंचन किया जा रहा है। साथ ही, इन बच्चों द्वारा निर्मित उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय भी किया जा रहा है।
आपदा बचाव उपकरणों का प्रदर्शन एवं प्राथमिक चिकित्सा जागरूकता
एसडीआरएफ द्वारा बोरवेल बचाव उपकरण, वीएलसी, कटिंग उपकरण, एयर लिफ्टिंग बैग एवं विभिन्न प्रकार की राफ्टिंग तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। इसके अतिरिक्त नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सर्पदंश प्रबंधन, प्राथमिक उपचार (सीपीआर), रक्तस्राव नियंत्रण एवं स्प्लिंटिंग जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों को दर्शकों तक पहुँचाया गया। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) द्वारा आयोजित डॉग शो लोगो को खासा आकर्षित कर रहा है जिसके माध्यम से मेलार्थी आपदा के समय खोज और बचाव अभियान की बारीकियों को समझ रहे है।
निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण एवं आपदा सुरक्षा पर प्रदर्शन
स्वास्थ्य जागरूकता के तहत ‘उत्कर्ष – एक पहल’ के माध्यम से रक्तचाप, मधुमेह, नेत्र परीक्षण एवं अन्य आवश्यक चिकित्सा परीक्षण किए जा रहे है।
भूकंप सुरक्षा और संरचनात्मक सुदृढ़ीकरण मॉडल
प्राधिकरण के पवेलियन में शेक टेबल तकनीक के माध्यम से भूकंप के दौरान भवनों पर पड़ने वाले प्रभाव एवं सुरक्षित निर्माण तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। विशेषज्ञों द्वारा भवन निर्माण में सुरक्षित नींव, स्तंभ, बैंड और छत के बंधन की तकनीकों की जानकारी दी गई ताकि भूकंप के प्रभाव को कम किया जा सके।
अस्पताल अग्नि सुरक्षा मॉडल के माध्यम से राज्य के अस्पतालों को अगलगी से बचाव के लिए क्या-क्या उपाय किए जाने चाहिए, इसकी जानकारी प्रदान की जा रही है।
इसके अलावा, नुक्कड़ नाटकों, कठपुतली शो, जोकर शो के माध्यम से विभिन्न प्रकार के आपदा से बचाव, प्रबंधन एवं आपदा सुरक्षा पर जागरूकता फैलाई जा रही है।
बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम आपदा प्रबंधन के प्रति जनजागरूकता को बढ़ाने और राज्य के नागरिकों को सुरक्षित रहने हेतु प्रशिक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है। प्राधिकरण का यह प्रयास राज्य में आपदा प्रबंधन को सशक्त करने और नागरिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

