
डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव उर्फ सुरेन्द्र सागर
बिहार के औरंगाबाद स्थित नगर भवन में मंगलवार को आयोजित “बेहतर बिहार संवाद” कार्यक्रम में पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने बिहार के युवाओं को प्रदेश के विकास की धारा में निर्णायक भूमिका निभाने का आह्वान किया है. औरंगाबाद के सच्चिदानंद सिन्हा महाविद्यालय के तत्वावधान में आयोजित “बेहतर बिहार संवाद” में युवाओं से सीधा संवाद करते हुए ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और यह कार्य तब तक संभव नहीं है जब तक बिहार इसमें अग्रणी भूमिका न निभाए. उन्होंने कहा कि बिहार की विशाल युवा आबादी इस परिवर्तन की धुरी बन सकती है लेकिन इसके लिए सबसे पहले युवाओं को अपने सोच और दृष्टिकोण को बदलना होगा. उन्होंने कहा कि लोगों के मन में बिहार को लेकर नकारात्मक सोच बनी हुई है, जिसे समाप्त करना आवश्यक है.कोई भी व्यक्ति अपने परिवार को कोसकर प्रगति नहीं कर सकता. ठीक उसी प्रकार बिहार को दोष देकर आगे नहीं बढ़ा जा सकता. युवाओं को स्पष्ट एजेंडा के साथ आगे आकर नेतृत्व संभालना होगा.

ऋतुराज सिन्हा ने युवाओं के उमड़े सैलाब को सम्बोधित करते हुए कहा कि बिहार की धरती से लोकनायक जय प्रकाश नारायण की हुंकार ने दिल्ली की हुकूमत को उखाड़ फेंका था. उन्होंने ऐतिहासिक जेपी आंदोलन की याद दिलाते हुए कहा कि 1974 में बिहार के युवाओं ने तानाशाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ एकजुट होकर सत्ता परिवर्तन का बिगुल फूंका था. आज भी बिहार को अगर नई दिशा देनी है तो युवाओं को वही जोश और जज्बा दिखाना होगा.

उन्होंने कहा कि यदि बिहार के युवा ठान लें और एकजुट होकर काम करें तो राज्य की तस्वीर बदलने में समय नहीं लगेगा. उन्होंने गरीबी को बिहार की सबसे बड़ी समस्या बताया और कहा कि जब तक किसान और श्रमिकों की आय नहीं बढ़ेगी तब तक गरीबी दूर नहीं हो सकती. इसके लिए कृषि में सुधार, बटाईदार किसानों को स्थायी रोजगार और तकनीक आधारित खेती की ओर बढ़ना होगा.ऋतुराज सिन्हा ने रोजगार के सवाल पर भी युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज का हर युवा सरकारी नौकरी की उम्मीद लेकर तैयारी करता है लेकिन यह व्यावहारिक नहीं है कि सरकार हर किसी को रोजगार दे सके. युवाओं को इस सोंच को बदलना होगा कि हमें सिर्फ सरकारी नौकरी ही चाहिए. इस सोच को बदलते हुए युवाओं को अब नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला बनने की ओर आगे बढ़ना चाहिए. उन्होंने स्वरोजगार को बेहतर विकल्प बताते हुए कहा कि इसके लिए सरकार को युवाओं को सरल ऋण व्यवस्था उपलब्ध करानी चाहिए जिससे वे आत्मनिर्भर बन सकें और दूसरों को भी रोज़गार दे सकें.

उन्होंने गुजरात का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के युवा 18 वर्ष की उम्र में व्यवसाय शुरू कर देते हैं जबकि बिहार के युवा उसी उम्र में नौकरी की तैयारी शुरू करते हैं. बिहार को आगे बढ़ाना है तो यह मानसिकता बदलनी होगी. कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने भी सक्रिय रूप से भागीदारी निभाई और कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे. बीसीए के छात्र नेयाज ने कृषि में तकनीकी नवाचार का सुझाव दिया. बीबीएम के छात्र कृष ने स्वरोजगार के लिए युवाओं को ऋण उपलब्ध कराने की मांग की.जबकि सचदेवा कॉमर्स की टॉपर छात्रा ने पर्यटन को बढ़ावा देने पर बल दिया. वैष्णवी नामक छात्रा ने न्यूनतम मजदूरी दर बढ़ाकर आम लोगों की आय में सुधार की बात कही. ऋतुराज सिन्हा ने युवाओं के इन सुझावों की सराहना करते हुए कहा कि यह संवाद भविष्य के सुखी और समृद्ध बिहार की नींव है.

इससे पूर्व भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने राजेंद्र बाल उद्यान में देश के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद की प्रतिमा का अनावरण किया और जिला अतिथि गृह में भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ संगठनात्मक बैठक कर आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि मगध और शाहाबाद क्षेत्र प्रारंभ से ही एनडीए का मजबूत गढ़ रहा है और पिछली बार यहां जो नुकसान हुआ था अब इस बार उसकी भरपाई पूरी तरह से की जाएगी.

औरंगाबाद जाने के दौरान रास्ते में कई जगह भाजपा के नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा का फूलों की माला के साथ भव्य एवं शानदार स्वागत किया. जगह जगह ऋतुराज सिन्हा जिंदाबाद के नारों से धरती से लेकर आसमान तक गूँजता रहा.दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा के बिहार से अकेले राष्ट्रीय कमिटी में शामिल ऋतुराज सिन्हा को देखने, सुनने और स्वागत करने सड़कों पर युवाओं का जनसैलाब उमड़ गया. आने वाले दिनों में भाजपा के कर्णधार बनकर उभरने का संकेत देते हुए ईन युवाओं ने ऋतुराज के पक्ष में अपार जन समर्थन का आगाज कर दिया है.


