पटना में आयोजित कायस्थ महापंचायत में आए और छा गए भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा, अपने ओजस्वी भाषण से कायस्थ प्रतिनिधियों को दी नई ऊर्जा

देश

डॉ. सुरेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव उर्फ सुरेन्द्र सागर
ज्ञान भवन, पटना
बिहार की राजधानी पटना के ऐतिहासिक ज्ञान भवन में रविवार को आयोजित कायस्थ महापंचायत में बिहार के कोने कोने से पहुंचे हजारों चित्रांश प्रतिनिधियों के बीच पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि जातीय जनगणना में कायस्थ समाज की कम संख्या दिखाकर हमारे स्वाभिमान को चुनौती दी गई है. एक साजिश के तहत हमारी संख्या 0.6 प्रतिशत दिखाई गई है और राजनैतिक रूप से हमें कम आंकने की कोशिश की गई है. देश के अलग अलग राज्यों में अलग अलग टाइटल से पहचाने जाने वाले हम कायस्थों की संख्या जातीय जनगणना में दिखाए गए आंकड़े से काफी अधिक है. हमारी आबादी दस या बारह प्रतिशत नहीं है लेकिन जितनी भी संख्या है इसी कायस्थ जाति से आने वाले स्वामी विवेकानंद ने 1893 में शिकागो में विश्व धर्म संसद को सम्बोधित करते हुए  भारत की संस्कृति, सहिष्णुता और सार्वभौमिक भाईचारे का संदेश दिया. उन्होंने पूरी दुनिया को बताया कि भारत सभी धर्मों का समान करता है. विवेकानंद के भाषण ने पश्चिमी दुनिया को भारत और भारतीय संस्कृति के बारे में एक नया दृष्टिकोण दिया.सचिदानंद सिन्हा ने न सिर्फ बिहार बनाया बल्कि पटना में कई जगह अपनी जमीनें देकर नए बिहार की निर्माण की परिकल्पना को साकार भी किया. उन्होंने कहा कि देश के प्रथम राष्ट्रपति देशरत्न डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने अपनी मेधा और क्षमता से नए भारत की बुनियाद रखी. महामाया प्रसाद वर्मा सहित सैकड़ो कायस्थ जाति की धरोहरें हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है. ऐसी महान विभूतियों को याद करके और उनसे प्रेरणा लेकर हमारा कायस्थ समाज फिर से राजनैतिक क्षितिज पर रौशनी बिखेरेगा.

भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने जातीय जनगणना के आंकड़े पर अफसोस जताते हुए कहा कि “मेरा पानी उतरता देख, मेरे किनारे पर घर मत बना लेना, मैं समुंदर हूं, लौट कर वापस आउंगा”.उन्होंने कहा कि समाज और राजनीति में हमने संख्या से नहीं बल्कि अपनी क्षमता से इतिहास रचा है. सुभाष चंद्र बोस ने जब बंदूक उठाया तो द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान अंग्रेजी हुकूमत की अर्थव्यवस्था चरमरा गई और अंग्रेजों को भारत को आजाद कर वापस जाने को बाध्य होना पड़ा. भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि कायस्थ ही एक ऐसी जाति है जिससे किसी भी जाति को भय नहीं रहा. अगड़ा हो या पिछड़ा, किसी को हमसे भय नहीं है. कायस्थ जाति ने सबकी मदद की.
एक हम ही हैं जो सभी जाति वर्ग के बीच स्वीकार्य हैं.उन्होंने पांच सूत्री एजेंडे पर कायस्थ जाति के लोगों को कार्य करने का मंत्र दिया और इसे प्रण के रूप में स्वीकार करने की अपील की. कायस्थ समाज की महान विभूतियों एवं धरोहरों से अपने बच्चों को अवगत कराने, स्वरोजगार कर आत्मनिर्भर बनने वाले कायस्थ युवकों से बेटियों की शादी करने और चुनाव के दिन वोट देने के लिए एक साथ बूथ पर जाने और वोट डालने जैसे प्रण दिलाकर ऋतुराज सिन्हा ने कायस्थ जाति को नई ऊर्जा से भर दिया. पूरे कायस्थ पंचायत में भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा सूर्य की तरह चमक बिखेरते रहे और समारोह की शुरुआत से लेकर अंत तक कायस्थ प्रतिनिधियों के बीच छाये रहे.

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