“इतिहास में शाहाबाद और पर्यटन की संभावनाएं” विषय पर आधारित सेमिनार में छाये रहे ऋतुराज सिन्हा, भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री का पांच सूत्री सुझाव शाहाबाद के पर्यटन और विकास को देगी नई उड़ान

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डॉ. सुरेन्द्र सागर, आरा
देश की राजधानी नई दिल्ली में शाहाबाद के ऐतिहासिक सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “इतिहास में शाहाबाद और पर्यटन की संभावनाएं” विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया. दिल्ली के कंस्टिट्यूशन क्लब में आयोजित इस सेमिनार ने शाहाबाद के लोगों को अपनी समृद्ध विरासत, पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ने का अद्भुत अवसर प्रदान किया. इस कार्यक्रम में शाहाबाद से आए अलग-अलग क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं. कार्यक्रम में सांसद सुधाकर सिंह, राजा राम सिंह, पूर्व सांसद सुशील सिंह, सुनील सिंह, सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग दिल्ली आईएएस रश्मि सिंह, विधायक मुरारी प्रसाद गौतम, पूर्व विधायक रामेश्वर प्रसाद चौरसिया, सामाजिक कार्यकर्ता डॉ मधु उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार कन्हैया भेलारी समेत कई जानी मानी हस्तियों ने हिस्सा लिया और सेमिनार को सम्बोधित करते हुए शाहाबाद के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में अभियान को नई दिशा दी. भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा भी इस सेमिनार को सम्बोधित करने कंस्टिट्यूशन क्लब पहुंचे. सेमिनार को सम्बोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री ऋतुराज सिन्हा ने कहा कि शाहाबाद के समृद्ध इतिहास, पर्यटन, सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देने के लिए यह एक आदर्श मंच है. यह सेमिनार शाहाबाद की पुरातन विरासत व पर्यटन को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बना है.उन्होंने कहा कि यह सेमिनार शाहाबाद के सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को आगे बढ़ाने में मील का पत्थर साबित होगा. उन्होंने शाहाबाद के सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों को पर्यटन के मानचित्र पर लाने के लिए पांच सूत्री सुझाव दिए. उन्होंने “स्वदेश दर्शन” योजना के तहत शाहाबाद सर्किट बनाने, सीएसआर के तहत “अपना धरोहर अपनी पहचान” योजना से शाहाबाद के विकास को आगे बढ़ाने का सुझाव दिया.वीर कुंवर सिंह के योगदान को नई पीढ़ी के सामने लाने के लिए आरा हेरिटेज म्यूजियम और महाराजा कॉलेज में स्थित आरा हाउस को जोड़ने का भी प्रस्ताव उन्होंने सेमिनार में रखा.ऋतुराज सिन्हा की बातों को सेमिनार में आए शाहाबाद जनपद के लोगों ने बड़ी ही गंभीरता से सुना और अपने शाहाबाद की धरती एवं बहियारा के मिट्टी के लाल के राष्ट्रीय राजनैतिक क्षितिज पर बढ़ते प्रभाव से अपने आपको गौरवांवित भी महसूस करते दिखे.

सेमिनार में शाहाबाद महोत्सव आयोजन समिति के संयोजक अखिलेश कुमार ने कहा कि अपने गौरवशाली विरासत को याद करते हुए यहां पर्यटन विकास को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर मंथन हुआ और उसे धरातल पर उतारने के लिए केन्द्र सरकार से आग्रह किया गया है. उन्होंने कहा कि समिति के बैनर तले पिछले पांच वर्षों से जारी अभियान का सकारात्मक संकेत शाहाबाद की धरती पर दिखने भी लगा है और सरकार यदि इसे गंभीरता से लेती है तो यहां न केवल पलायन रुकेगा बल्कि बाहर के लोगों को भी रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और हमारे गौरवशाली ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत से दुनिया रुबरु भी होगी. उन्होंने बताया कि देश की राजधानी दिल्ली में शाहाबाद को केंद्र में रखकर पहली बार ऐसा प्रयास गया है और उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इसके सकारात्मक परिणाम भी जरूर देखने को मिलेंगे. उन्होंने कहा कि इस सेमिनार का उद्देश्य शाहाबाद की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए पर्यटन का विकास करना है और इससे नई पीढ़ी को जोड़ा जा रहा है. यह आयोजन सभी दल के नेताओं के अलावे प्रशासनिक, साहित्यिक, पत्रकारिता, चिकित्सा आदि क्षेत्रों से जुड़े शाहाबाद के बुद्धिजीवियों को एक मंच पर लाने का काम कर रहा है. सांसद सुधाकर सिंह ने कहा कि शाहाबाद की धरती ऋषि-मुनियों तपोस्थली व वीर सपूतों की ऐतिहासिक धरती रही है. यहां विश्वामित्र जैसे महान ऋषि, शेरशाह जैसे महान शासक, वीर कुंवर सिंह, निशान सिंह जैसे 1857 की आजादी की लड़ाई के महान योद्धा हुए. रोहतासगढ़ किला, शेरगढ़ का किला, मुंडेश्वरी, ताराचंडी, यक्षिणी भवानी धाम समेत अनेक ऐतिहासिक व धार्मिक धरोहरे हैं, जिन पर हम गर्व कर सकते हैं. आज इन धरोहरों को अक्षुण्ण रखने की हमें जरूरत है. अन्य वक्ताओं ने शाहाबाद की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक व धरोहर और यहां की पर्यटन व संस्कृति के संबंध में विस्तार से चर्चा की. वक्ताओं ने कहा कि शाहाबाद का हर क्षेत्र अपने आप में एक अनमोल इतिहास छिपाए हुए है. यह पूरा इलाका ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व से ओतप्रोत है. केंद्र सरकार से शाहाबाद के विरासत व पर्यटन स्थलों के विकास की मांग की गई. सेमिनार के माध्यम से कहा गया शाहाबाद के पूरी तरह से पर्यटन हब बनने से यहां के लोगों को रोजगार भी मिलेगा. वक्ताओं ने कहा कि शाहाबाद में सभी तरह की पर्यटन स्थल ऐतिहासिक, प्राकृतिक, आध्यात्मिक सभी धरोहरे मौजूद है. सेमिनार में शाहाबाद टूरिज्म सर्किट बनाने की मांग की गई. कार्यक्रम में आलोक रंजन, विमल कुमार सिंह, अभिषेक सिंह, संजय पासवान, राजबली सिंह, विनोद राय, रितेश कुमार, अखिलेश तिवारी, पृथ्वी नारायण सिंह, निरंजन चौहान, अंकित कुमार, विशाल सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित थे.

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