पटना: रविवार को श्रावण शुक्ल पक्ष नवमी पश्चात दशमी तिथि के पावन अवसर पर बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो. रणबीर नंदन के आवास ‘नंदन विला’, अनिसाबाद, पटना-2 में सपरिवार रूद्राभिषेक यज्ञ का आयोजन किया गया। श्रावण मास में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में वेद मंत्रों के उच्चारण के बीच विधिवत रुद्राभिषेक संपन्न हुआ।
रूद्राभिषेक के अवसर पर प्रो. रणबीर नंदन ने कहा कि रुद्र अर्थात भूतभावन शिव का अभिषेक है। शिव और रुद्र दोनों परस्पर पर्यायवाची हैं। शिव को ही रुद्र कहा जाता है, क्योंकि ‘रुतम्-दुःखम्, द्रावयति-नाशयतीति रुद्रः’ यानी भोलेनाथ सभी दुःखों को नष्ट कर देते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि हमारे धर्मग्रंथों के अनुसार, हमारे द्वारा किए गए पाप ही हमारे दुःखों का कारण बनते हैं। रुद्रार्चन और रुद्राभिषेक से हमारे पापकर्म और महापातक जलकर भस्म हो जाते हैं। इस प्रक्रिया से साधक में शिवत्व का उदय होता है और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे सभी मनोरथ पूर्ण हो जाते हैं।
प्रो. नंदन ने बताया कि शास्त्रों में यह भी कहा गया है कि रुद्राभिषेक करने से सभी देवताओं की पूजा स्वतः संपन्न हो जाती है। उन्होंने रुद्रहृदयोपनिषद का उल्लेख करते हुए कहा कि सर्वदेवात्मको रुद्रः सर्वे देवाः शिवात्मका, यानी सभी देवताओं की आत्मा में रुद्र उपस्थित हैं और सभी देवता रुद्र की आत्मा हैं। श्रावण मास में शिव पूजन और रूद्राभिषेक का विशेष महत्व है।
इस अवसर पर प्रो. रणबीर नंदन ने भगवान भोलेनाथ से सभी के कल्याण और सुख-समृद्धि की कामना की।

