
आरा ब्यूरो
भोजपुर जिले के आरा नगर थाना में न्याय के लिए जाने वाले पीड़ितों को न्याय दिलवाने के बजाय पुलिकर्मियों द्वारा उल्टे विपक्षी को बुला कर काउंटर एफआईआर करा देने का भय दिखाया जा रहा है.ऐसे कई मामले हैं जो नगर थाना में जाने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज होने से वंचित रह गए और पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिल सका है. आरा नगर थाना क्षेत्र के बाबू बाजार मुहल्ले की निवासी अंजनी कुमारी ने अपने भाई बहन और माता- पिता पर हुए जानलेवा हमले की शिकायत दर्ज कराने के लिए 6.8.2025 को नगर थाने में आवेदन दिया.उसकी माँ के हाथ में चोट लगी थी जबकि उसके पिता सुरेन्द्र यादव का जानलेवा हमले में सर फट गया था,वे पूरी तरह खून से लठपथ थे. आरा सदर अस्पताल में इलाज हुआ. टांके लगे और बैंडेज हुआ. आवेदन देने के बाद ऐसे गंभीर मामलों में भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई और उल्टे उसे विपक्षी द्वारा आवेदन लेकर काउंटर एफआईआर कर देने की धमकी दे दी गई. अंजनी कुमारी भोजपुर के एसपी के यहां भी गई और एसपी से मिलकर कार्रवाई के लिए आवेदन दिया. फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई. उसे न्याय नहीं मिला.

दूसरी ओर नगर थाना क्षेत्र की शिवगंज मुहल्ले की रहने वाली आशा देवी के साथ भी गंभीर घटना घटी. नामजद अभियुक्तों ने उनके घर में घुसकर मारपीट की. उनके शरीर के गहने लूट लिए.घर में रखा रुपया लूट लिया. मोबाईल छीन लिया. लोहे के रॉड से मारकर अधमरा कर दिया.अवैध हथियार से हत्या करने की कोशिश की गई. उनके घर से ही उन्हें बेदखल कर घर के मेन गेट में ताला लगा दिया गया. 26.8.2025 को आशा देवी ने अपने साथ घटित घटना की उसी दिन नगर थाना में आवेदन देकर एफआईआर दर्ज करने और नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार करने की मांग की. पुलिस की टीम उन्हें लेकर अभियुक्तों के घर पहुंची और अभियुक्तों से बातचीत कर सिर्फ घर का ताला खुलवाया और आशा देवी को उनके घर में प्रवेश करा दिया. नगर थाना की पुलिस द्वारा न अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गई और न ही उनका मोबाईल, गहने और रुपये बरामद किया गया.उनकी एफआईआर भी दर्ज नहीं की गई. जब उन्होंने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की तो नगर थाना के पुलिसकर्मियों द्वारा नामजद अभियुक्तों को थाना में बुलाकर काउंटर एफआईआर करा देने की धमकी दी गई. यही नहीं पीड़िता आशा देवी के सामने ही फोन करके अभियुक्त को अगले दिन थाना पर बुलाया गया.पीड़िता आशा देवी ने भोजपुर के एसपी को भी आवेदन व्हाट्सअप के जरिये भिजवाया और न्याय की गुहार लगाई. फिर भी एक एफआईआर दर्ज कराने के लिए उन्हें अभी दर दर की ठोकरें खानी पड़ रही है. आशा देवी के साथ भी आरा नगर थाना की पुलिस ने न्याय नहीं किया और अब वह भोजपुर के एसपी, शाहाबाद के डीआईजी, पटना आईजी, राज्य के डीजीपी, बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष और सचिव के साथ ही पटना उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल को पत्र लिखने जा रही हैं. उन्होंने मिडिया से बातचीत में बताया कि वे अपने साथ घटित घटना के नामजद अभियुक्तों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सिस्टम के शीर्ष तक बैठे अधिकारियों तक अपनी फरियाद लेकर जाएंगी.उन्होंने कहा कि न्याय के लिए वे किसी भी हद तक जाएंगी.
बाबू बाजार की रहने वाली अंजनी कुमारी चाय बेचकर अपनी पढ़ाई करती हैं तो शिवगंज की रहने वाली आशा देवी सिलाई कटाई का कार्य करके अपना जीवन यापन करती हैं. ऐसी लड़कियों और महिलाओं के प्रति तो थाने पुलिस को और अधिक संवेदनशील होना चाहिए लेकिन अधिकांश थानो की पुलिस आज भी अपना चेहरा बदलने को तैयार नहीं है. परिणाम सामने है और सुशासन की इस सरकार में महिलाएं और लड़कियां पीट रही है और उनकी शिकायत पर कार्रवाई तो दूर एफआईआर तक दर्ज नहीं हो रहे हैं.
फोटो -1- जानलेवा हमले में घायल बाबू बाजार निवासी सुरेन्द्र यादव और उनकी पुत्री अंजनी कुमारी द्वारा नगर थाना,आरा से न्याय नहीं मिलने पर भोजपुर के एसपी से मिलकर कार्रवाई के लिए दिए गए आवेदन
फोटो -2- शिवगंज निवासी आशा देवी द्वारा नगर थाना, आरा में दिया गया आवेदन और सदर अस्पताल आरा में कराये गए इलाज की पर्ची

