पटना: बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद ने राजधानाी के बाबा भीखम दास ठाकुरबाड़ी के लिए पटना के डीएम के नेतृत्व में न्यस समिति को मान्यता दी है। इस संबंध में बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष प्रो रणबीर नंदन के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना में पटना के डीएम को ठाकुरबारी से संबंधित खाता संचालन के लिए नामित किया गया है। साथ ही पटना हाई कोर्ट के आदेश के अनुरूप न्यास समिति के गठन के लिए नामों के चयन कर पटना के डीएम यथाशीघ्र बिहार राज्य धार्मिक न्यास पर्षद को उपलब्ध कराएं । साथ ही बाबा भीखम दास ठाकुरबाड़ी से संबंधित सभी चल-अचल संपत्तियों का पूर्ण विवरण भी पर्षद को अतिशीघ्र उपलब्ध कराएं। न्यास बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि चूकि उपरोक्त न्यास के लिए कोई भी न्यास समिति कार्यरत नहीं है। अत: ठाकुरबाड़ी में पूजा पाठ, राग भोग एवं परिसंपत्तियों की सुरक्षा एवं सुव्यवस्था के लिए न्यास समिति का गठन जरूरी है। बतातें चलें कि उक्त न्यास की सुव्यवस्था एवं संचालन हेतु एक प्यास समिति का गठन किया गया, जो वर्तमान में निष्क्रिय है। पर्षद द्वारा मान्यता प्राप्त पुर्व न्यासधारी स्व राम राजेश्वर दास के द्वारा इस न्यास के लिए गैर विवादित महंत नियुक्त नहीं है। तथाकथित महंत जय नारायण दास एवं विमल दास, जो पर्षद से मान्यता प्राप्त नहीं है, उनके द्वारा इस न्यास की सभी सम्पत्ति से आय एवं किराया आदि की वसुली अवैध रूप से की जा रही है। किंतु उनके द्वारा उक्त मंदिर की दुकान एवं संपत्ति से प्राप्त आय का वर्षवार विवरण अधिनियम की धारा 59, 60 एवं 70 के अन्तर्गत पर्षद में कभी भी समर्पित नहीं की गयी। इस संबंध में इन्हें पत्र दिया गया किंतु जयनारायण दास एवं विमल दास द्वारा पर्षद के पत्र के अनुपालन में कोई कार्रवाई नहीं की गयी साथ ही पर्षद को यह भी आरोप प्राप्त हुआ कि जय नारायण दास एवं विमल दास द्वारा 16 व्यक्तियों के हाथों इस न्यास की 15 भूखंडों का अवैध रूप से विक्रय किया गया। जो यह दशार्ता है कि जय नारायण दास एवं विमल दास द्वारा न्यास के आय का दुरूपयोग ही नहीं, मंदिर की संपत्ति को नष्ट कर अपने निजी प्रयोग में लिया जा रहा है। जय नारायण दास एवं विमल दास के विरूद्ध कई आरोप पत्र भी प्राप्त है। तथाकथित महंत जय नारायण दास एवं विमल दास के विरूद्ध प्रथम अपील उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। न्यास समिति के निष्क्रिय रहने की स्थिति में उसकी संपत्ति एवं सुरक्षा के लिए अस्थायी न्यासधारी की नियुक्ति अतिआवश्यक है। इसलिए उपरोक्त परिस्थिति में जय नारायण दास एवं विमल दास के ठाकुरबाड़ी से संबंधित सभी कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुये, न्यास के कुशल संचालन एवं सम्यक व्यवस्था, संपत्ति की सुरक्षा एवं संरक्षण हेतु बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम, 1950 की धारा-33 के अन्तर्गत जिलाधिकारी, पटना को तत्काल प्रभाव से अस्थायी न्यासधारी नियुक्त किया जाता है।

