पूर्व सांसद आनन्द मोहन के खिलाफ अपमानजनक बयानबाजी को ले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समेत मंत्रियों और पूर्व मंत्रियों का फूंका पुतला,फ्रेंड्स ऑफ आनन्द ने आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव में भाजपा को अर्श से फर्श पर ला देने की दी चेतावनी
शाहाबाद ब्यूरो
बिहार पीपुल्स पार्टी के पूर्व संस्थापक अध्यक्ष और लोकसभा के पूर्व सांसद आनन्द मोहन को बिहार भाजपा के नेताओ द्वारा जंगलराज रिटर्न का सिम्बल बताने और उनके विरुद्ध अपमानजनक शब्दो के इस्तेमाल से बिहार की सियासी राजनीति में भूचाल आ गया है।भाजपा नेताओं के अपमानजनक बयानों से न सिर्फ राजपूत समाज बल्कि आनन्द मोहन के समर्थको में जबरदस्त आक्रोश है और राज्यभर में भाजपा के खिलाफ तीव्र प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
फ्रेंड्स ऑफ आनन्द के नेताओ और कार्यकर्ताओं ने आनन्द मोहन के विरुद्ध अपमानजनक बयान देने वाले भाजपा नेताओं का आरा में पुतला जलाकर आंदोलन का विगुल फूंक दिया है।
आरा के लोकनायक जयप्रकाश नारायण स्मारक स्थल के समीप भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ.संजय जायसवाल,केंद्रीय राज्य मंत्री गिरिराज सिंह,पूर्व मंत्री नितिन नवीन और शाहनवाज हुसैन का अलग अलग पुतला जलाया और भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पुतला दहन का नेतृत्व संयुक्त रूप से फ्रेंड्स ऑफ आनन्द के वरिष्ठ नेता अशोक सिंह और संजीव सिंह ने किया।
पुतला दहन के बाद एक सभा का आयोजन भी किया गया जिसे संबोधित करते हुए फ्रेंड्स ऑफ आनन्द के वरिष्ठ नेता अशोक सिंह और संजीव सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि
पटना कोर्ट पेशी प्रकरण को तीन दिनों बाद बेवजह और लगातार सप्ताह भर तुल देकर बिहार बीजेपी ने यह साबित कर दिया कि पूर्व सांसद आनंद मोहन को निर्दोष रहते जेल में निरुद्ध रखने के पीछे बिहार बीजेपी के कुछ शातिर नेता शामिल हैं।
भाजपा के ऐसे नेताओं को यह मालूम है कि जिस दिन आनंद मोहन सीखचों से बाहर आएंगे, सम्पूर्ण बिहार में उनका बचा- खुचा जमीन पांव के नीचे से खिसक जाएगा। सारी बैचैनी के पीछे की यही मुख्य कहानी है।
नेताद्वय ने कहा कि कोई कहीं से यह साबित नहीं कर सकता कि आनंद मोहन विधायक चेतन आनन्द के आवास पर गए थे।ऐसी कोई तस्वीर या वीडीओ न घर जाने की है और न ही निकलने की।
अगर कोई ‘वर्कर्स मीटिंग्स’ हुई है तो संबंधित चैनलों को आनंद मोहन को मीटिंग को संबोधित करते हुए भी दिखाना चाहिए।
उन्हें बदनाम करने की मंशा से नई- पुरानी तस्वीरों को तोड़- जोड़, काट -छांट कर बे सिर- पैर की कहानी बना दी गई है।
फ्रेंड्स ऑफ आनन्द के दोनों नेताओं ने कहा कि बिहार का बच्चा- बच्चा अवगत है कि पूर्व डीएम जी कृष्णैया मामले में आनंद मोहन पूरी तरह निर्दोष हैं। अपनी बेगुनाही के वाबजूद कानून का अक्षरशः पालन करते हुए उन्होंने पूरे धैर्य पूर्वक 14 वर्ष की सजा काट ली है ।
आश्चर्य तो यह है कि इस तरफ़ आज तक जो मीडिया वालों या कल तक सत्ता में बैठे बीजेपी वालों ने मुंह खोलना मुनासिब नहीं समझा, वो इस छोटी सी घटना को नेशनल न्यूज़ बनाकर पिछले एक सप्ताह से परोस रही है।
अफवाहों की खेती करना और बात का बतंगड़ बनाना तो कोई बीजेपी से सीखे, जिसने कभी पूरी दुनिया में गणेश जी को दूध पिला दिया।
नेताद्वय ने कहा कि सभी वाकिफ है कि राजनैतिक तौर पर अछूत बिहार बीजेपी को फर्श से अर्श तक पहुंचाने में बारंबार आनन्द मोहन का सहयोग हासिल किया गया। यहां तक कि वर्ष 1998 में अटल बिहारी वाजपेई के विश्वास मत के दौरान भी आनंद मोहन का सहयोग लिया गया। लेकिन आज इसने यह साबित कर दिया कि वह कृतघ्नों की जमात है।
नेताओ ने कहा कि हम बिहार बीजेपी को खुले तौर पर बताना चाहते हैं कि उसका नकाब उतर चुका है। उसका चरित्र पूरी तरह नंगा हो चुका है।
आनंद मोहन एक व्यक्ति नहीं, पूरी संस्था हैं। बिहार बीजेपी ने इसबार गलत नंबर डायल कर दिया है। उसे इसका खमियाजा भुगतना ही पड़ेगा। बीजेपी से निपटने के लिए फ्रेंड्स ऑफ आनंद अकेला ही काफ़ी है।
फ्रेंड्स ऑफ आनंद आज यह घोषणा करता है कि आगामी 24 और 25 का लोक सभा और विधान सभा का चुनावी रण क्षेत्र श्रद्धेय आनंद मोहन के अपमान के हिसाब- किताब का गवाह बनेगा ।
आनन्द मोहन के विरुद्ध अपमानजनक बयानबाजी करने वाले भाजपा नेताओं के पुतला दहन कार्यक्रम में फ्रेंड्स ऑफ आनंद के प्रमुख नेता अशोक सिंह,संजीव सिंह, संजय सिंह,धर्मेन्द्र यादव,राजेश सिंह,मृत्युंजय सिंह,श्रीराम सिंह,रिंकू सिन्हा,कृष्ण कुमार सिंह,सुनील सिंह,मिथलेश पासवान,आशुतोष सहाय, गोपाल जी तिवारी, कुणाल सिंह,कुंदन कुमार,नवीन कुमार,केएल भारद्वाज,बीर बहादुर सिंह,संटू सिंह,टिंकू सिंह,सुजीत कुमार यादव,रितेश कुमार राय सहित कई नेता और कार्यकर्ता शामिल थे।

