पटनाः खुदा बख्श लाइब्रेरी ने अपनी पांडुलिपियों के पूरे संग्रह की जानकारी सात खंडों में प्रकाशित की है। पुस्तकालय के इतिहास में यह पहली बार है कि अरबी फ़ारसी उर्दू और हिंदी भाषा की पांडुलिपियाँ पेश की गई हैं। हालाँकि यह कैटलॉग एक बड़ी विस्तृत कैटलॉग है। सात खंडों में हैं। संपूर्ण कैटलॉग अब लाइब्रेरी की वेबसाइट पर उपलब्ध है और दुनिया भर के विद्वान आसानी से लाइब्रेरी की पांडुलिपियों तक पहुंच सकते हैं। चूँकि इसे अंतर्राष्ट्रीय भाषा में विकसित किया गया है इसलिए लोग इसका अधिक उपयोग कर सकते हैं। इन सात खंडों में लगभग बीस हज़ार अरबी, उर्दू, फ़ारसी और हिंदू पांडुलिपियों का उल्लेख है। जहां तक विषयों का सवाल है, इसमें प्रशासन, संस्कृति, ज्यामिति, तीरंदाजी, ज्योतिष, खगोल विज्ञान, इतिहास, सभ्यता, जीवनी, धर्म, सुलेख आदि हैं। साहित्य, भाषा, गणित, चिकित्सा, सर्जरी, न्यायशास्त्र, हदीस, प्रार्थना, भूविज्ञान, सूफीवाद, दर्शन, संगीत, भवन, सफर, कहानी, शायरी आदि तो ये चार दर्जन विषय इन कैटलॉग में शामिल हैं।

