रोटी, रोजगार व व्यापार बनाम राष्ट्रचिन्तन
उस साम्राज्य की राजधानी विश्व के सबसे बड़े शहर के रूप में प्रसिद्ध थी, वास्तु और ललित कलाओं के अद्भुत नमूनों से सुसज्जित थी।विशालकाय सेना और भरपूर राजकोष भी था, जिसमें कुंओं में सोना पिघलाकर भर दिया जाता था। आर्थिक स्थिति इतनी उन्नत कि समाज के तथाकथित निम्न वर्ग भी सोने के आभूषण धारण करते […]
Continue Reading
