जोगबनीः एकीकृत जांच चौकी जोगबनी स्थित बी.जी.एफ. आवास परिसर में “मानव तस्करी विरोधी एवं जीरो टॉलरेंस” विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण, नई दिल्ली के निर्देश पर आयोजित किया गया था। कार्यशाला का उद्देश्य मानव तस्करी की रोकथाम, इसके प्रकार और सजा के प्रावधानों के बारे में लोगों को जागरूक करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ और प्रमुख उपस्थितगण
कार्यक्रम की शुरुआत रत्नाकर यादव, प्रबंधक, भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण, जोगबनी के स्वागत भाषण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद सभा में उपस्थित अतिथियों को अंगवस्त्र द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कई प्रतिष्ठित व्यक्ति उपस्थित थे, जिनमें सुरेंद्र विक्रम, कमांडेंट 56वीं बटालियन, बथनाहा, संजय कुमार, अध्यक्ष, जागरण कल्याण भारती, विकास कृष्णा, अवर सचिव (वित्त), भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण, नई दिल्ली, बिपिन कुमार देव, सहायक, भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण, सीमा शुल्क, आप्रवासन, एस.एस.बी. और प्लांट क्वारेंटाइन के अधिकारी, एस.एस.बी. के जवानों के अलावा पाठशाला स्कूल, फारबिसगंज के छात्र-छात्राएं और शिक्षक भी उपस्थित थे।
मानव तस्करी और इसके प्रभाव पर चर्चा
कार्यक्रम में प्रमुख वक्ताओं सुरेंद्र विक्रम और संजय कुमार ने मानव तस्करी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि मानव तस्करी के कई प्रकार होते हैं, जिनमें बलात्कारी तस्करी, बाल श्रम, और शारीरिक शोषण शामिल हैं। दोनों वक्ताओं ने इस मुद्दे के बारे में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता पर बल दिया और बताया कि इस घिनौनी गतिविधि को कैसे रोका जा सकता है। साथ ही, उन्होंने मानव तस्करी में शामिल अपराधियों के खिलाफ सजा के प्रावधानों पर भी जानकारी दी।
बाल विवाह पर जागरूकता और शपथ ग्रहण
कार्यक्रम में संजय कुमार ने बाल विवाह के रोकथाम पर भी जोर दिया। उन्होंने बाल विवाह के सामाजिक और कानूनी प्रभावों के बारे में बताया और इस पर पूरी तरह से रोक लगाने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके बाद उन्होंने शपथ दिलाई, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे बाल विवाह को रोकने के लिए जागरूकता फैलाएंगे और इस सामाजिक कुप्रथा के खिलाफ संघर्ष करेंगे।
कार्यशाला का समापन और सकारात्मक संदेश
कार्यशाला का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि मानव तस्करी और बाल विवाह जैसे अपराधों को समाज में फैलने से रोकने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। इस कार्यक्रम ने सभी उपस्थित लोगों को जागरूक किया और इस तरह की घटनाओं के खिलाफ ठोस कदम उठाने के लिए प्रेरित किया।

