पटनाः मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के समक्ष मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में स्वास्थ्य विभाग और शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया, कोयम्बटूर के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हुआ। इस हस्ताक्षर के बाद पटना में शंकर आई हॉस्पीटल खुल जाएगा। ज्ञआत हो कि डॉ आर.वी.रमानी द्वारा 1977 में स्थापित , शंकर आई फाउंडेशन, भारत (श्री कांची कामकोटि मेडिकल ट्रस्ट की एक इकाई) 45 वर्षों से उपस्थिति वाला एक सामाजिक नेत्र देखभाल उद्यम है, जो भारत में समाज के वंचित वर्गों को लागत प्रभावी सामुदायिक नेत्र स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। आज शंकर विश्व स्तर की सुविधाओं और मजबूत बुनियादी ढांचे के साथ 12 अस्पतालों का एक समूह है और भारत के 9 राज्यों में ग्रामीण और शहरी आबादी की सेवा करता है। शंकर का सामुदायिक आउटरीच मॉडल एक अनूठा, अनुकरणीय और टिकाऊ मॉडल है, जिसने स्थापना के बाद से एक करोड़ से अधिक लोगों के जीवन में बदलाव लाया है और ऐसा करना जारी है।
स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री संजय कुमार सिंह और शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया, कोयम्बटूर के प्रबंध निदेशक डॉ0आर0बी0 रमाणी ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर एक दूसरे को प्रति सौंपी। शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया, कोयम्बटूर के प्रबंध निदेशक डॉ0आर0बी0 रमाणी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को समझौता ज्ञापन की प्रति सौंपी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री को विकास आयुक्त सह स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने हरित पौधा भेंटकर स्वागत किया।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन सह संसदीय कार्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त सह स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, स्वास्थ्य विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक सुहर्ष भगत, शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया, कोयम्बटूर के प्रबंध निदेशक डॉ0आर0बी0 रमाणी एवं डॉ0 भरत सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।

