- नामांकन रद्द होने के बाद राजद उम्मीदवार श्वेता सुमन फूट-फूट कर रोयी
- दो अलग-अलग चुनावों में अलग पता बताना गलत जानकारी देना है, जो चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है
- अलग-अलग पता बताना ही नामांकन रद्द होने का बना कारण
पटना: कैमूर जिले के मोहनिया सीट से राजद उम्मीदवार श्वेता सुमन का नामांकन रद्द कर दिया गया है। श्वेता सुमन ने आरोप लगाया है कि उनका नामांकन जानबूझकर खारिज किया गया है, उन्होंने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराएंगी। उन्होंने कहा कि भाजपा को उनसे डर लग रहा था, इसलिए उनका नामांकन रद्द करा दिया गया। श्वेता सुमन ने आरोप लगाया कि यह फैसला राजनीतिक दबाव में लिया गया है। उन्होंने कहा कि वह इस अन्याय के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत करेंगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राजद उम्मीदवार श्वेता सुमन के खिलाफ चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। भाजपा का आरोप है कि श्वेता सुमन ने 2020 के विधानसभा चुनाव में अपने नामांकन पत्र में स्थायी पता उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले का बताया था। लेकिन 2025 के इस चुनाव में उन्होंने खुद को बिहार की निवासी बताते हुए नामांकन दाखिल किया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि दो अलग-अलग चुनावों में अलग पता बताना गलत जानकारी देना है, जो चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है। इसलिए उनके नामांकन को रद्द करने की मांग की गई थी।
मोहनिया विधानसभा सीट से इस बार भाजपा की संगीता कुमारी और राजद की श्वेता सुमन के बीच सीधा मुकाबला होने की उम्मीद थी। संगीता कुमारी ने 2020 के विधानसभा चुनाव में राजद के टिकट पर जीत हासिल की थी। उस चुनाव में उन्होंने भाजपा उम्मीदवार निरंजन राम को 12 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था। संगीता कुमारी 2024 में भाजपा में शामिल हो गईं, और अब वे उसी पार्टी से चुनाव मैदान में हैं।

