पटना : प्रसिद्ध समाजसेवी सुरेंद्र नाथ श्रीवास्तव का दुखद निधन हो गया। अपनी सामाजिक सेवाओं, सरल व्यक्तित्व और लोगों की मदद के लिए सदैव तत्पर रहने के कारण वे क्षेत्र में अत्यंत लोकप्रिय थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
सुरेंद्र नाथ श्रीवास्तव, प्रसिद्ध साहित्यकार भोलानाथ गहमरी के भतीजे थे। परिवार के साहित्यिक और सामाजिक परिवेश ने बचपन से ही उनके व्यक्तित्व को प्रभावित किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्होंने जीवन भर समाज सेवा को अपना उद्देश्य बना लिया।

स्थानीय लोगों ने बताया कि श्रीवास्तव जी ने शिक्षा, स्वास्थ्य और जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। वे कई सामाजिक अभियानों से जुड़े रहे और निःस्वार्थ भाव से लोगों की सहायता करते रहे।

उनके निधन पर समाज के विभिन्न वर्गों ने गहरा दुःख व्यक्त किया है। क्षेत्र के कई बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने इसे अपूरणीय क्षति बताया है। इनके बड़े पुत्र शिक्षक संजय कुमार श्रीवास्तव ने पटना के बांसघाट में मुखाग्नि दी। समाज के लिए अपने योगदान और मानवीय मूल्यों के कारण सुरेंद्र नाथ श्रीवास्तव सदैव स्मरण किए जाएंगे।
शोक व्यक्त करने वालों में समाजसेवी इंदू भूषण प्रसाद, विद्या भूषण श्रीवास्तव, अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के सुजीत वर्मा, संजीव कुमार श्रीवास्तव, लेखक मुरली मनोहर श्रीवास्तव, सीआरपीएफ कमांडेंट विभाष कुमार, शिक्षाविद शैलेंद्र कुमार श्रीवास्तव, पत्रकार रविशंकर श्रीवास्तव, रानू सहित अन्य लोगों नें गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।

