नोएडा में सुपरटेक के दो ट्विन टावर को रविवार को पलक छपकते ही जमींदोज कर दिया गया. 30 और 32 मंजिला ये गगनचुंबी इमारतें बस चंद सेकेंड्स में ही मिट्टी में मिल गईं. बस एक बटन दबाते ही 60 सेकंड के अंदर पूरी बिल्डिंग धराशायी हो गई.दोपहर 2.30 बजे ब्लास्ट का बटन दबते ही महज 7 सेकेंड में सुपरटेक के ट्विन टॉवर देखते ही देखते जमींदोज हो गए. यह गगनचुंबी इमारत जैसे-जैसे गिरती गई. वैसे-वैसे तेजी से चारों और धूल का गुबार दिखने लगा. 3700 किलो बारूद के जरिए किया गया ये धमाक इतना जबरदस्त था कि इसके बाद दूर धूल और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दिया.ट्विन टॉवर को गिराने के बाद धूल के गुबार को नियंत्रित करने के बाद पानी का छिड़काव किया गया.ब्लास्ट के बाद होने वाले वायु प्रदूषण से बचाव के लिए एंटी स्मॉग गन चारों तरफ लगाई गई हैं. साफ-सफाई के लिए 200 लोग मौके पर तैनात थे. ट्विन टॉवर के ढहने के बाद अब इसका मलबा हटाने में करीब 3-4 महीने लग जाएंगे. बताया जा रहा है कि यहां करीब 3 हजार ट्रक मलबा इकट्ठा हो गया है.सेक्टर 93, 93ए, 93बी, 92 में पास की सोसाइटी पार्श्वनाथ प्रेस्टीज, पार्श्वनाथ सृष्टि, गेझा गांव के और अन्य निवासियों को दोपहर ढाई बजे के बाद मास्क पहनने के लिए कहा है. करीब 400 पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी और एनडीआरएफ के जवान भी तैनात किए गए हैं.
उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में इन टॉवर को गिराया जा रहा है जिसके लिए 3,700 किलोग्राम से अधिक विस्फोटकों का उपयोग किया जाएगा. अदालत ने एमराल्ड कोर्ट सोसायटी परिसर के भीतर इन टावर के निर्माण में मानदंडों का उल्लंघन पाया था.नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रितु माहेश्वरी ने बताया कि करीब 60 हजार टन मलबा दोनों टावर से निकलेगा. इसमें से करीब 35 हजार टन मलबे का निस्तारण कराया जाएगा. ध्वस्तीकरण के बाद उठने वाली धूल को साफ करने के लिए कर्मचारी, स्वीपिंग मशीन, एंटी स्माग गन और पानी छिड़कने की मशीन के साथ वहां मौजूद रहे. सेक्टर 93ए में एमराल्ड कोर्ट और पास के एटीएस विलेज सोसाइटी के लगभग 5,000 निवासियों को रविवार सुबह सात बजे तक अपना परिसर खाली कराया गया. जबकि लगभग 3,000 वाहनों को हटाया गया. निवासी अपने 150-200 पालतू जानवरों को भी साथ ले गए. इनमें से कई निवासी शनिवार को ही चले गए, कुछ दिल्ली-एनसीआर में अपने रिश्तेदारों या दोस्तों के घर जा रहे हैं,वहीं कुछ लोग छुट्टियां लेकर उत्तराखंड और राजस्थान चले गए हैं.ट्विन टॉवर से एमराल्ड कोर्ट सोसाइटी की एस्टर 2 और एस्टर 3 इमारत सिर्फ नौ मीटर दूर हैं. अधिकारियों ने कहा कि विध्वंस इस तरह से किया जाएगा ताकि अन्य इमारतों को कोई संरचनात्मक नुकसान न हो. नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे दोपहर सवा दो बजे से दोपहर पौने तीन बजे तक बंद रहेगा. नोएडा में ड्रोन उड़ाना प्रतिबंधित रहेगा. नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, विस्फोट के वक्त घटनास्थल के ऊपर एक समुद्री मील के दायरे में हवाई क्षेत्र भी कुछ समय के लिए उड़ानों के वास्ते बंद रहेगा.करीब 400 पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी और एनडीआरएफ के जवान भी तैनात किए गए हैं. मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ सुनील शर्मा ने बताया कि छह एंबुलेंस मौके पर रहेंगी और जिला अस्पताल के साथ फैलिक्स और यथार्थ अस्पताल में भी विस्तर आरक्षित किए गए थे. मगर इसमें इस तरह की कोई आवश्यकता नहीं हुई. बल्कि इस कार्य में एहतियात के तौर पर सारी तैयारियां रखी गई थीं.

