पटनाः तेलंगाना के डुब्बक सीट से भाजपा के विधायक रघुनंदन राव ने कहा है कि तेलंगाना राज्य के पुलिस को कंट्रोल करने वाले सभी महत्वपूर्ण पदों पर बिहार के आईपीएस अधिकारियों की पोस्टिंग की गई है। कहीं भी तेलंगाना के आईपीएस नहीं हैं। यही नहीं विधायक ने आगे कहा कि तेलंगाना में बिहार राज यानि गुंडा राज लाने की कोशिश की जा रही है। इसका वीडियो वायरल हो चुका है। अब रघुनंदन राव की टिप्पणी पर जदयू के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधान पार्षद डॉ. रणबीर नंदन ने कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा बिहार से कितनी नफरत करती है, ये बात भाजपा के विधायक रघुनंदन राव ने फिर सार्वजनिक कर दी है। बिहार के साथ भाजपा की केंद्र सरकार सौतेला व्यवहार करती है और भाजपा के नेता बिहारियों को गाली देते हैं। भाजपा हमेशा बांट कर अपना राजनीतिक मतलब साधती है। जहां जाति-धर्म वाले कार्ड में भाजपा पिछड़ती है, वहां क्षेत्रवाद भाजपा के एजेंडे में शामिल हो जाता है।
तेलंगाना के डुब्बक सीट से भाजपा के विधायक रघुनंदन राव ने क्या कह दिया
डॉ. नंदन ने कहा कि अखंड भारत जैसे शब्दों का प्रयोग भाजपा के नेता खूब करते हैं। लेकिन वास्तविक स्थिति यह है कि भाजपा के नेता खंडित भारत चाहते हैं। क्या यही है मौजूदा भाजपा का अलग चाल और चरित्र, जो भारत की जनता को बांटने का काम करती है? तेलंगाना के भाजपा विधायक रघुनंदन राव को समझना होगा कि आईएएस-आईपीएस किसी की चाटुकारिता से नहीं बना जाता। इसके लिए मेहनत करनी होती है और वो मेहनत करने में बिहारियों का जोर नहीं है। आज देश का हर 10वां आईएएस बिहारी है। आईपीएस में बिहारियों की संख्या कई दूसरे राज्यों से कहीं अधिक है। क्या भाजपा को अब इससे भी दिक्कत होने लगी है कि बिहारी मेहनत क्यों कर रहे हैं?
डॉ. नंदन ने कहा कि भाजपा विधायक रघुनंदन राव गंदी राजनीति की धारा में बहते हुए देश की एकता और संविधान पर वार करने का प्रयास कर दिया। भाजपा नेतृत्व में हिम्मत है तो विधायक पर तुरंत कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि तेलंगाना और बिहार का संबंध आज का नहीं है। वहां के सीएम केसी राव बिहारियों को कितना स्नेह करते हैं, यह सार्वजनिक है। पिछले दिनों जब केसीआर पटना आए थे तो उन्होंने न सिर्फ तेलंगाना में मारे गए बिहारियों के परिजनों को मुआवजा दिया बल्कि गलवान घाटी में शहीद हुए बिहार के सपूतों के परिजनों को भी 10-10 लाख रुपये की सहायता राशि दी।
उन्होंने कहा कि भाजपा के विधायक रघुनंदन राव को जानना चाहिए कि जिन सांसदों के भरोसे केंद्र में उनकी पार्टी सत्ता में बैठी है, उसमें 17 सांसद बिहार से हैं। पिछले 17 सालों में से 14 साल से अधिक वक्त तक भाजपा बिहार की सत्ता में रही है। अभी भी भाजपा बिहार की सत्ता में आने को छटपटा रही है। ऐसे में विधायक रघुनंदन राव का बयान बिहारी अस्मिता को ठोस पहुंचाता है। इसके लिए रघुनंदन राव को पूरे बिहार और देश से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि उन्होंने संविधान का अपमान किया है। साथ ही भाजपा नेतृत्व को भी ऐसे नेता को तुरंत पार्टी से बाहर करना चाहिए।

