आपसी मिल्लत और संयुक्त परिवार की मिसाल थे बिस्मिल्लाह खां- मुरली

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पटनाः – शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की जयंती पर उन्हें नमन किया गया। इस मौके पर बिस्मिल्लाह खां पर पिछले 30 सालों से शोध करने, पुस्तक लिखने वाले मुरली मनोहर श्रीवास्तव ने उस्ताद की कृतियों पर केंद्रित करते हुए कहा कि डुमरांव के कमरुद्दीन ने लोकवाद्य शहनाई को शास्त्रीय वाद्य की श्रेणी में खड़ाकर भारत रत्न का सफर किया। आपसी मिल्लत की मिसाल, संयुक्त परिवार की मिसाल कमरुद्दीन ही आगे चलकर बिस्मिल्लाह खां बन गए।

वहीं कुंवर वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष धीरज कुमार सिंह उर्फ लव जी ने कहा कि हमें गौरव का एहसास होता है कि बिहार की मिट्टी में ऐसे सपूत ने जन्म लिया और पूरी दुनिया को शहनाई की धुन का मुरीद बना दिया। जबकि बिस्मिल्लाह खां ट्रस्ट के रंजीत कुमार ने कहा कि उस्ताद एक प्रेरणा हैं। इनकी याद में प्रति वर्ष ट्रस्ट के द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वालों बिस्मिल्लाह खां अंतरराष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया जाता है। इस मौके पर विकास शर्मा, काव्या मनोहर प्रमोद सिंह, जय कुमार सिंह, प्रो.नीतू सिन्हा और इंग्लिश गुरु आकाश कुमार भी उपस्थित होकर उस्ताद को श्रद्धांजलि दी।

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