- वरिष्ठ नागरिक समाज की धरोहर हैंः मनोज श्रीवास्तव
डुमरांव (बक्सर) : जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष आनन्द नन्दन सिंह, अवर न्यायाधीश सह सचिव देवेश कुमार जिला विधिक सेवा प्राधिकार बक्सर के नेतृत्व में “वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार एवं सेवाएं” विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन पैनल अधिवक्ता मनोज कुमार श्रीवास्तव एवं पीएलवी अनिशा भारती द्वारा डुमरांव प्रखंड के चतुरसालगंज में किया गया।मौके पर जगनारायण चौधरी, सुनील कुमार, प्रभु चौधरी, श्रीराम चौधरी, रुक्मीना देवी,अंजोरा देवी,सुनैना देवी,फुलझारो देवी आदि उपस्थित रहे।
पैनल अधिवक्ता मनोज श्रीवास्तव ने लोगों को बताया कि वरिष्ठ नागरिक घरों के धरोहर हैं। उन्हें परेशान या तंगो-तबाह करना एक आपराधिक अपराध है।यदि किसी प्रकार की की कानूनी सहायता की आवश्यकता हो तो जिला विधिक सेवा प्राधिकार बक्सर द्वारा नि:शुल्क विधिक सेवा उपलब्ध करायी जाती है।न्यायालयों में लंबित मुकदमों को वरीयता के आधार पर सुना जाता है।अक्षम वरिष्ठ नागरिकों का शारिरिक सहायता एवं आर्थिक आवश्यकताओं की पूर्ति उनके बेटे-बेटी,पोता-पोती पर डाली गई है।जिसकी जिम्मेदारी नहीं निभाने वाली सन्तान को धनद का प्रावधान रखा गया है।

अधिवक्ता मनोज श्रीवास्तव ने आगे बताया कि वरिष्ठ नागरिकों को माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम 2007,वरिष्ठ नागरिकों के लिए कानूनी सेवायें नालसा योजना 2016 के अंतर उनके अधिकारों की जानकारी दी गई। अधिवक्ता मनोज ने कहा कि ऐसे भी कानून हैं जिनकी जानकारीआमलोगों को नहीं है।कानून की जानकारी नहीं होने के कारण की लोग अनावश्यक रूप से जाने-अनजाने कानून के के चंगुल में फंस जाते हैं साथ ही सरकारी योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन करने का मकसद आमलोगों को कानून के बारे में जागरूक करना है और उनके अधिकारों के प्रति सचेत करना है।विधिक सेवा प्राधिकार लोगों को नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराता है।60 वर्ष से ऊपर के प्रत्येक नागरिकों को वरिष्ठ नागरिक का दर्जा प्राप्त है।
पीएलवी अनिशा भारती ने लोगों को बताया कि बुजुर्ग अपने उत्तराधिकारी यानी रिश्तेदारों को अपनी सम्पति स्थान्तरित कर देते हैं लेकिन बाद में अपने भरण-पोषण एवं स्वास्थ्य सम्बन्धी आवश्यकताओं के लिए धन पाने में असफल रहते हैं।वे ट्रिब्यूनल में अपील कर अपनी जायदाद वापस ले सकते हैं।

