*पारदर्शिता के साथ लंबित मामलों के शीघ्र समाधान SCDPM 2.0 पर जोर*
· पहले बंदरगाह में नगर निकाय द्वारा निर्धारित स्थानों पर कचरे को फेंका जाता था, जिसके लिये प्रतिदिन तीन हजार रुपये का खर्च आता था। · केपेक्स के सहयोग से 50 लाख रुपये की कृमियों द्वारा कचरे को खाद में बदलने की तकनीक अपनाने के बाद बंदरगाह हर वर्ष 4.50 लाख रुपये की आय कर […]
Continue Reading
