डुमरांव (बक्सर): लक्ष्य के ओरित बच्चों को जागरूक करना नन्हे एक दिशा देने शिक्षकों की जवाबदेही होनी चाहिए। तभी बच्चे सही मार्गदर्शन में सफलता प्राप्त करते हैं। ऐसे में हम सभी को बच्चों के हौसले की अफजाई करते हुए शिक्षकों का भी सम्मान करना चाहिए। ये बातें बिहार विधान परिषद के सदस्य जीवन कुमार ने सोमवार को डुमरांव स्थित सीपीएसएस प्लस टू हाई स्कूल में मंगलवार को छात्र प्रतिभा सम्मान समारोह को सम्बंधित करते हुए कही। बच्चों में प्रतिभा की कमी नही है। विद्यालय परिवार द्वारा मिशन 500 व मिशन निखार चलाए जाने को लेकर प्रधानाचार्य की सराहना की।उन्होंने इस आयोजन को लेकर उन्होंने विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ अशफाक को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि हम सभी के संघर्ष की देन है कि नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा मिला। उन्होंने कहा कि सभी के साथ न्याय होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व साथ देने वाले उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा, एमएलसी नवल किशोर यादव समेत एनडीए के नेतागण साथ दिया। नतीजतन हमसभी को सफलता मिली। उन्होंने

मैट्रिक और इंटरमीडिएट की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए सभी की उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इसके साथ ही शिक्षकों के साथ साथ अभिभावकों को भी बच्चों पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में पटना में शिक्षकों को बुलाकर उनकी समस्याओं को न केवल सुनेंगे बल्कि उसका निष्पादन भी करवाएंगे। इस दौरान अध्यक्षता कर रहे विद्यालय के प्राचार्य डॉ. मोहम्मद अशफाक अंसारी ने उनके समक्ष एक सुझाव देते हुए कहा कि बक्सर में एक ऑफिस खुलवा दिया जाए ताकि शिक्षक अपनी बातों को आपके समक्ष आसानी से सके। संचालन शिक्षक राजन कुमार व शिक्षिका कुमारी रविरंजन ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत कक्षा नौ की छात्राओं शीतल, संजू और आराध्या द्वारा प्रस्तुत स्वागत गीत से हुई, जिसने उपस्थित सभी लोगों का मन मोह लिया।
उचित मंच और प्रोत्साहन की जरूरत
समारोह में 10वीं कक्षा में सर्वश्रेष्ठ अंक लाने वाले अमन राज, विकास कुमार, हिमांशु कुमार, प्रिंस कुमार गुप्ता, प्रशांत कुमार मिश्रा, सत्यम कुमार पांडे, विष्णु कुमार, रमेंद्र राय, अंबिकेश पाठक, राज रोशन कुमार, रितेश कुमार, नितीश कुमार और छोटू यादव सहित कई अन्य मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, मेडल और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि जीवन कुमार ने अपने संबोधन में छात्रों को कड़ी मेहनत और अनुशासन को जीवन की सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज को आगे ले जाने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत है तो उन्हें उचित मंच और प्रोत्साहन देने की।
शिक्षा के महत्व पर विचार
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने शिक्षा के महत्व और विद्यार्थियों की भूमिका पर अपने विचार रखे। मंच संचालन में विद्यालय के शिक्षकगणों ने सक्रिय भूमिका निभाई। इस अवसर पर शिक्षकों के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं की भी उपस्थिति रही।पूर्व सीनेट सदस्य मुनमुन तिवारी,अनुराग मिश्रा, दीपक यादव, शक्ति राय, डीके कॉलेज के छात्र नेता राजू खान, शिक्षक उदय कुमार, अखिलेश पांडेय,धनन्जय सिंह उर्फ काका जी सहित बड़ी संख्या में अभिभावक और स्थानीय लोग भी मौजूद थे। सभी ने कार्यक्रम की भूरी-भूरी प्रशंसा की और इसे एक प्रेरणादायक पहल बताया। धन्यवाद ज्ञापन शिवजी सिंह ने किया। इस दौरान शेषनाथ जी, मनीष कुमार, आरती कुमारी, सुनील कुमार,फरहत अफसा, ब्रजेश शुक्ला, रविकांत,बिंदु श्रीवास्तव, कश्मीरा अंसारी,सच्चिदानंद तिवारी आदि रहें।

