टैगोर से दूर जाता बांग्लादेश
आर.के. सिन्हा गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर के लिखे अपने ही राष्ट्रगान को बांग्लादेश का वर्तमान शासन अब बदलना चाहता है। यानी अब बांग्लादेश अब उसी राष्ट्र गीत से दूर हो रहा है, जिसे उसने 1972 में अपनी स्थापना के वक्त धूमधाम से अपनाया था। इसकी वजह सिर्फ य़ही है कि टैगोर हिन्दू थे। अब आप समझ सकते […]
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